WhatsApp Security: आज के समय में WhatsApp सिर्फ चैटिंग ऐप नहीं बल्कि हमारी डिजिटल लाइफ का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन बढ़ते साइबर अटैक्स और स्पायवेयर खतरे को देखते हुए, आम यूजर्स से लेकर जर्नलिस्ट और पब्लिक फिगर्स तक सभी की चिंता बढ़ गई है।
इसी को ध्यान में रखते हुए Meta ने WhatsApp में एक नया हाई-सिक्योरिटी फीचर लॉन्च किया है, जिसे Strict Account Settings नाम दिया गया है। यह फीचर आपके WhatsApp अकाउंट को एक तरह के “डिजिटल लॉकडाउन मोड” में डाल देता है, जिससे हैकर्स के लिए आपकी चैट और डेटा तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
अगर आप WhatsApp पर पर्सनल या संवेदनशील जानकारी शेयर करते हैं, तो यह नया फीचर आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
WhatsApp Security: क्या है WhatsApp Strict Account Settings फीचर?
Meta के मुताबिक, Strict Account Settings एक एडवांस सिक्योरिटी मोड है, जो खासतौर पर हाई-रिस्क यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें आपके अकाउंट की कई सेटिंग्स अपने आप सबसे सख्त लेवल पर सेट हो जाती हैं।
इस फीचर का कॉन्सेप्ट Apple के iOS Lockdown Mode और Android के Advanced Protection फीचर से मिलता-जुलता है। इसका मुख्य मकसद स्पायवेयर, हैकिंग अटैक और डेटा चोरी से यूजर्स को सुरक्षित रखना है।
एक बार यह मोड ऑन करने के बाद, आपका WhatsApp अकाउंट लगभग एक डिजिटल किले की तरह काम करेगा।
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Strict Account Settings ऑन होने पर क्या बदलेगा?
जब आप इस मोड को एक्टिव करते हैं, तो WhatsApp अपने आप कई सिक्योरिटी सेटिंग्स को हाई-लेवल प्रोटेक्शन पर सेट कर देता है।
इससे अनजान लोगों से आने वाली मीडिया फाइल्स और अटैचमेंट्स अपने आप ब्लॉक हो सकते हैं। साथ ही, अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स साइलेंट हो जाएंगी, जिससे स्पैम कॉल्स और सोशल इंजीनियरिंग अटैक का खतरा कम हो जाएगा।
इसके अलावा, कुछ एडवांस फीचर्स सीमित हो सकते हैं, ताकि ऐप का अटैक सरफेस कम हो सके और स्पायवेयर जैसी खतरनाक तकनीकों से सुरक्षा मिल सके।
Meta का कहना है कि बेहतर सुरक्षा के लिए कुछ सुविधाओं में थोड़ी कमी हो सकती है, लेकिन यह यूजर्स की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है।
WhatsApp Security: कैसे ऑन करें WhatsApp Strict Account Settings?
Meta ने बताया है कि यह फीचर WhatsApp के Settings > Privacy > Advanced सेक्शन में मिलेगा।
यह फीचर कुछ टैप्स में ऑन किया जा सकता है और आने वाले हफ्तों में धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा।
जैसे ही यह फीचर आपके अकाउंट में उपलब्ध होगा, आप इसे आसानी से एक्टिवेट कर पाएंगे और अपने WhatsApp को हाई-सिक्योरिटी मोड में डाल सकते हैं।
WhatsApp में Rust टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल क्यों किया गया?
Meta ने यह भी खुलासा किया है कि WhatsApp में मीडिया शेयरिंग को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए अब Rust प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जा रहा है।
Rust को सिक्योर और हाई-परफॉर्मेंस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज माना जाता है, जो बग्स और मेमोरी लीक जैसी समस्याओं को कम करती है। Meta के अनुसार, WhatsApp के लिए एक नई क्रॉस-प्लैटफॉर्म मीडिया लाइब्रेरी तैयार की गई है, जो Rust पर आधारित है और यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा Rust-based ग्लोबल रोलआउट है।
इससे मीडिया फाइल्स की प्रोसेसिंग ज्यादा सुरक्षित और तेज हो जाएगी, जिससे साइबर अटैक्स की संभावना काफी कम हो जाएगी।
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WhatsApp Security: किन यूजर्स के लिए ज्यादा जरूरी है यह फीचर?
Strict Account Settings खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है, जिन्हें साइबर अटैक्स का ज्यादा खतरा रहता है।
जैसे:
- जर्नलिस्ट
- पब्लिक फिगर्स
- एक्टिविस्ट्स
- बिजनेस लीडर्स
- हाई-प्रोफाइल यूजर्स
लेकिन आम यूजर्स के लिए भी यह फीचर बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि आजकल हर कोई ऑनलाइन फ्रॉड और हैकिंग का शिकार हो सकता है।
WhatsApp Security को लेकर क्यों बढ़ रही चिंता?
पिछले कुछ वर्षों में WhatsApp यूजर्स पर स्पायवेयर अटैक्स, फिशिंग स्कैम और डेटा लीक के मामले तेजी से बढ़े हैं। हैकर्स अब सिर्फ OTP नहीं बल्कि एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके अकाउंट हाईजैक करने की कोशिश कर रहे हैं।
ऐसे में Strict Account Settings जैसे फीचर्स यूजर्स को एक अतिरिक्त सुरक्षा परत प्रदान करते हैं, जो डिजिटल दुनिया में बेहद जरूरी हो चुकी है।
WhatsApp का नया Strict Account Settings फीचर साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह फीचर आपके अकाउंट को एक तरह के डिजिटल लॉकडाउन मोड में डाल देता है, जिससे हैकर्स और स्पायवेयर के लिए आपकी चैट और डेटा तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है।
अगर आप अपनी प्राइवेसी और डेटा को लेकर गंभीर हैं, तो यह फीचर आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा। जैसे ही यह आपके WhatsApp में उपलब्ध हो, इसे तुरंत ऑन करना एक समझदारी भरा कदम होगा।
डिजिटल युग में सुरक्षा ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है, और Meta का यह नया फीचर उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
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